Rasoolallah Sallallaho Alaihe Wasallam ne bani Israel ke ek shakhs ka zikar farmaya ke unhon ne bani Israel ke ek dosray aadmi se
PAKIZAH KAHANIYA
♦ TAKKABUR AUR MAGROORI KABHI BHI PASANDEEDA FEAL NAHI HUA KARTI..
کہتے ہیں ایک بازار میں ایک اجنبی مگر اپنے آپ کو کوئی بہت بڑی چیز سمجھنے والا مغرور سا بندہ گھوم پھر رہا تھا کہ اس کی نظر سر پر ایک ڈول اٹھائے عورت پر پڑی،
♦ JHOOT BURI CHIZ HAI
جھوٹ اس قدر ناپسندیدہ چیزہے کہ انسان کے علاوہ دیگر مخلوقات بھی اس سے نفرت کرتی ہے۔حافظ ابن قیمؒ نے ایک عجیب واقعہ لکھا ہے، وہ فرماتے ہیں کہ ایک چیونٹی ایک مرتبہ
♦ GHAREEBON KA HAQ ADA KAREIN
بابا بابا!
تِین دِن رہ گئے ہیں قربانی والی عید میں۔ ہمیں بھی گوشت ملے گا نا؟
بابا،
ہاں ہاں کیوں نہی بِالکُل ملے گا۔۔
لیکن بابا پچھلی عید پر تو کسی نے بھی ہمیں گوشت نہیں دیا تھا،
اب تو پورا سال ہو گیا ہے گوشت دیکھے ہوئے بھی،
♦ APNE WAQT ME NAMAZ PADHNE NA BHOOLNA
Mai jaldi jaldi office se ghar aaya. . aur amma ko khane ka keh kar wudu karne chala gaya. ..
Maghrib ka waqt khatam hone wala tha. .
Maghrib ka waqt khatam hone wala tha. .
♦ HAZRAT UMR R.A KA PAYAAM DARIYA E NEEL KE NAAM (Hindi + Urdu)
उमर रजी़ अल्लाह अन्हों के नील नदी के नाम पत्र।
जब हज़रत अम्र बिन आस रजी़ अल्लाह अन्हों मिस्र विजय प्राप्त कीये, और उसके राज्यपाल बने तो कुछ समय बाद बउंह का महीना था। (यह माह जून के तुर्की नाम है)
जब हज़रत अम्र बिन आस रजी़ अल्लाह अन्हों मिस्र विजय प्राप्त कीये, और उसके राज्यपाल बने तो कुछ समय बाद बउंह का महीना था। (यह माह जून के तुर्की नाम है)
♦ पढ़ाई करने वाले गरीबों से नफरत करते हैं अंकल.. PADHAYI KARNE WALE GHAREEBON SE NAFRAT KARTE HAI UNCLE..
एक पाँच छे. साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर मस्जिद के एक तरफ कोने में बैठा हाथ उठा कर अल्लाह से न जाने क्या मांग रहा था।
कपड़े में मेल लगा हुआ था मगर
कपड़े में मेल लगा हुआ था मगर
♦ हमें पर्दे के शिक्षा देने वाले अपनी नजरें झुका क्यों नहीं लेते? HUME PARDE KI NASEEHAT KARNE WALE APNI NAZRON KO JHUKA KYUN NAHI LETE ? (Hindi + Urdu)
शर्ट यह सातवां वर्ष था, सोचा अब तो नई ले ही लेनी चाहिए। वैसे भी कल विश्वविद्यालय में पहला दिन है। बड़ी मुश्किल से "शादी फंड " से 500 रुपये निकाले और जी कडा करके बाजार
♦ शिक्षा की आवश्यकता ILM KI ZAROORAT (Hindi + Urdu)
कुछ भारतीय देश ईरान में प्रदर्शन के लिए हाथी लेकर गए और उसे अंधेरे घर में रखा गया। ताकि उसे कोई दीपक के बगैर न देखे।
चार शौकिया रात को हाथी
चार शौकिया रात को हाथी
♦ मुल्य _ एक हिकायत QADAR _ EK HEKAYAT (Hindi + Urdu)
सभी लोग इस वक्ता की बातें सुनकर अब पहलू बदल रहे थे जो बड़ी देर से मानव समस्याओं पर किताबी प्रकार की बात कर रहा था।
उसका कहना था कि हर व्यक्ति के साठ प्रतिशत समस्याओं उसे स्वयं उत्पन्न किए हैं। और शेष उनके प्रतिक्रिया है।
सुनने वालों की इक बड़ी संख्या के चेहरे पर उकताहट के आसार स्पष्ट थे। बुजुर्ग सज्जनों एक दूसरे की ओर देखकर आँखों आँखों में मुस्कुरा रहे थे। मानो कह रहे हैं कि मियां यह राग वर्षों से सुन रहे हैं।
♦दौलत रही न शोहरत DAWLAT RAHI NA SHOHRAT (Hindi + Roman Urdu + Urdu)
अब वह सड़कों मारा मारा क्यों फिरता है ?
अहमद के पिता शहर के सबसे अमीर आदमी
थे अहमद को अपने पिता की दौलत पर बड़ा गर्व था। सामान्य अनुसार सुबह उठा हाथ मुंह धोकर नाश्ता किया और कार में बैठकर स्कूल पहुंच गया आज उसका
अहमद के पिता शहर के सबसे अमीर आदमी
थे अहमद को अपने पिता की दौलत पर बड़ा गर्व था। सामान्य अनुसार सुबह उठा हाथ मुंह धोकर नाश्ता किया और कार में बैठकर स्कूल पहुंच गया आज उसका
♦ शब (रात) अफ्रोज़ मोती SHAB AFROZ MOTI _ HUM DOOSRON KI KHAMIYAN DHUNDTE REHTE (Hindi + Roman Urdu + Urdu)
पुराने जमाने की बात है एक सुनार जो बम्बई का रहने वाला था लाहौर आया उसके पास मोती थे उसने वे मोती एक मजलिस में खोले और हर किसी को दिखाने लगाा एक मोती जेब से निकाला और लोगों को दिखाते हुए बोला
♦ बेशक् रोजी देने वाला अल्लाह है BESHAQ RIZQ DENE WALA ALLAH HAI... (HINDI + URDU + ROMAN URDU)
मुझे अचानक कहीं से एक लाख रुपये मिले यह एक लाख चमत्कारिक ढंग से एक दोस्त दे गया कि तुम यह पैसे रख लो .....
मैंने कहा लेकिन क्यों ..
कहता वैसे ही मेरे पास पड़े थे तो सोचा तुम्हें दे आऊं शायद तुम्हारे काम आ जाएं। कहने लगा काफी दिनों से तुम्हें यह पैसे देना चाहता था लेकिन समय नहीं मिल रहा था। मुझे कारण समझ नहीं आ रही थी क्यों पैसे दे रहा है ......
मैंने कहा लेकिन क्यों ..
कहता वैसे ही मेरे पास पड़े थे तो सोचा तुम्हें दे आऊं शायद तुम्हारे काम आ जाएं। कहने लगा काफी दिनों से तुम्हें यह पैसे देना चाहता था लेकिन समय नहीं मिल रहा था। मुझे कारण समझ नहीं आ रही थी क्यों पैसे दे रहा है ......
♦ MOOR KE PARR (HEKAYAT E RUMI)
Ek taoos (moor) jungle me khada apne khubsoorat parr noch kar pheink raha tha. Ek aqalmand
♦ APNA BHAID ( SHEIKH SA'ADI KI HIKAYAT - 05)
Ek badshah ( Taksh ) ne apne ghulamoo se Ek raaz ki baat kahi aur saath kaha
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